Sunday, May 31, 2009

A Video Blog

You must have heard the song written by Gulzar Saab "नाम गुम जाएगा चेहरा ये बदल जाएगा, मेरी आवाज ही पहचान है गर याद रहे ....."।

Well, I guess I was inspired by these lines and have been thinking of recording a video of one of my Poems. The video is on You tube http://www.youtube.com/watch?v=hFk-sHMhxgY



If its funny its meant to be funny.......

Anyways here is the poem....

रास्तों ने अपने किरदार उतारे,
और किरदारों ने पहन ली रास्तों की आग,
रास्ते उस तरफ मुह किए, इसी मोड़ पे मुड गए,
दूसरी तरफ़ किरदार, अपनी राख समेटे,
हवा के मुह लग चले।

बैठा है बरसों से, इसी जगह ये बुढा मोड़,
सोचता है, क्या हो गई वो आग,
जो किरदारों ने पहन ली थी,
क्या हो गए वो किरदार,
जो रास्तों ने उतार दिए थे।

1 comment:

Shalini Aggarwal said...

ye nazm samajh mein to ayi thi lekin mahssos puri tarah nahi hui thi, aaj wo achhi tarah samajh mein aayi